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VedicSpaceपंचांगदोहा › 2027-02-23

दोहा पंचांग — 23 फ़रवरी 2027

कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र · मङ्गलवार · (25.2854°, 51.531°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:02 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष तृतीयातक 07:19 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रउत्तरा फाल्गुनी · पाद 4तक 07:58 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगशूलतक 11:56 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणवणिजतक 08:09 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:02 AM
सूर्यास्त05:32 PM
चन्द्रोदय08:16 PM
चन्द्रास्त07:17 AM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:24 AM – 12:10 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:26 AM – 05:14 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:39 PM – 04:05 PM
गुलिक काल11:47 AM – 01:13 PM
यमगण्ड08:54 AM – 10:20 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:38 AM – 11:24 AM
दुर्मुहूर्त01:42 PM – 02:28 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:02 AM – 07:28 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:28 AM – 08:54 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:54 AM – 10:20 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:20 AM – 11:47 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:47 AM – 01:13 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:13 PM – 02:39 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:39 PM – 04:05 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:05 PM – 05:32 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल05:32 PM – 07:05 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:05 PM – 08:39 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:39 PM – 10:13 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:13 PM – 11:47 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:47 PM – 01:20 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:20 AM – 02:54 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:54 AM – 04:28 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:28 AM – 06:02 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle