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VedicSpaceपंचांगदोहा › 2027-03-03

दोहा पंचांग — 3 मार्च 2027

कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र · बुधवार · (25.2854°, 51.531°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:55 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष एकादशीतक 04:54 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा · पाद 2तक 08:04 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगव्यतीपाततक 10:36 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणबवतक 03:35 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:55 AM
सूर्यास्त05:37 PM
चन्द्रोदय02:45 AM
चन्द्रास्त01:12 PM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:19 AM – 05:07 AM
अमृत काल02:34 PM – 04:22 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:46 AM – 01:13 PM
गुलिक काल10:18 AM – 11:46 AM
यमगण्ड07:22 AM – 08:50 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त11:22 AM – 12:09 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:02 AM – 09:49 AM

दिन चौघड़िया

लाभ05:55 AM – 07:22 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:22 AM – 08:50 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:50 AM – 10:18 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:18 AM – 11:46 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:46 AM – 01:13 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:13 PM – 02:41 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:41 PM – 04:09 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:09 PM – 05:37 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग05:37 PM – 07:09 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:09 PM – 08:41 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:41 PM – 10:13 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:13 PM – 11:46 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:46 PM – 01:18 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:18 AM – 02:50 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:50 AM – 04:22 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:22 AM – 05:55 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle