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VedicSpaceपंचांगदोहा › 2027-04-20

दोहा पंचांग — 20 अप्रैल 2027

शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि, चित्रा नक्षत्र · मङ्गलवार · (25.2854°, 51.531°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:07 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पूर्णिमातक 01:27 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रचित्रा · पाद 1तक 01:58 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगहर्षणतक 03:17 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 01:51 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:07 AM
सूर्यास्त05:59 PM
चन्द्रोदय05:43 PM
चन्द्रास्त04:18 AM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:07 AM – 11:58 AM
ब्रह्म मुहूर्त03:31 AM – 04:19 AM
अमृत काल06:44 PM – 08:19 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:46 PM – 04:22 PM
गुलिक काल11:33 AM – 01:09 PM
यमगण्ड08:20 AM – 09:56 AM
वर्ज्यम्09:12 AM – 10:47 AM
दुर्मुहूर्त10:15 AM – 11:07 AM
दुर्मुहूर्त01:41 PM – 02:33 PM

दिन चौघड़िया

रोग05:07 AM – 06:43 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग06:43 AM – 08:20 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:20 AM – 09:56 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:56 AM – 11:33 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:33 AM – 01:09 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:09 PM – 02:46 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:46 PM – 04:22 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:22 PM – 05:59 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल05:59 PM – 07:22 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:22 PM – 08:46 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:46 PM – 10:09 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:09 PM – 11:33 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:33 PM – 12:56 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:56 AM – 02:20 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:20 AM – 03:43 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:43 AM – 05:07 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle