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VedicSpaceपंचांगदोहा › 2027-05-11

दोहा पंचांग — 11 मई 2027

शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि, पुनर्वसु नक्षत्र · मङ्गलवार · (25.2854°, 51.531°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 04:51 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष षष्ठीतक 10:54 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रपुनर्वसु · पाद 3तक 01:56 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगशूलतक 02:30 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणकौलवतक 12:04 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय04:51 AM
सूर्यास्त06:10 PM
चन्द्रोदय09:26 AM
चन्द्रास्त11:15 PM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:03 AM – 11:57 AM
ब्रह्म मुहूर्त03:15 AM – 04:03 AM
अमृत काल10:32 AM – 12:02 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:50 PM – 04:30 PM
गुलिक काल11:30 AM – 01:10 PM
यमगण्ड08:10 AM – 09:50 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:10 AM – 11:03 AM
दुर्मुहूर्त01:43 PM – 02:36 PM

दिन चौघड़िया

रोग04:51 AM – 06:30 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग06:30 AM – 08:10 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:10 AM – 09:50 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:50 AM – 11:30 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:30 AM – 01:10 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:10 PM – 02:50 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:50 PM – 04:30 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:30 PM – 06:10 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल06:10 PM – 07:30 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:30 PM – 08:50 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:50 PM – 10:10 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:10 PM – 11:30 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:30 PM – 12:50 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:50 AM – 02:10 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:10 AM – 03:30 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:30 AM – 04:51 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle