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VedicSpaceपंचांगदोहा › 2027-05-23

दोहा पंचांग — 23 मई 2027

कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि, मूल नक्षत्र · रविवार · (25.2854°, 51.531°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 04:46 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष तृतीयातक 06:12 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रमूल · पाद 3तक 04:47 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगसाध्यतक 08:32 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 06:12 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय04:46 AM
सूर्यास्त06:16 PM
चन्द्रोदय09:10 PM
चन्द्रास्त06:43 AM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:04 AM – 11:58 AM
ब्रह्म मुहूर्त03:10 AM – 03:58 AM
अमृत काल08:28 AM – 10:14 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:34 PM – 06:16 PM
गुलिक काल02:53 PM – 04:34 PM
यमगण्ड11:31 AM – 01:12 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त04:28 PM – 05:22 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग04:46 AM – 06:27 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर06:27 AM – 08:08 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:08 AM – 09:49 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:49 AM – 11:31 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:31 AM – 01:12 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:12 PM – 02:53 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:53 PM – 04:34 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:34 PM – 06:16 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:16 PM – 07:34 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:34 PM – 08:53 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:53 PM – 10:12 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:12 PM – 11:31 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:31 PM – 12:49 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:49 AM – 02:08 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:08 AM – 03:27 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:27 AM – 04:46 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle