VedicSpace › पंचांग › दोहा › 2027-05-31
कृष्ण पक्ष दशमी तिथि, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र · सोमवार · (25.2854°, 51.531°)
दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949वृषभ (वैशाख)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 04:44 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष दशमी | तक 07:32 AM | पूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | सोमवार | — | यात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म। |
| नक्षत्र | उत्तराभाद्रपद · पाद 4 | तक 10:05 AM | स्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म। |
| योग | आयुष्मान् | तक 11:38 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | विष्टि (भद्रा) | तक 07:32 AM | भद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु। |
| सूर्योदय | 04:44 AM |
| सूर्यास्त | 06:20 PM |
| चन्द्रोदय | 01:10 AM |
| चन्द्रास्त | 01:53 PM |
| चन्द्र राशि | मीन |
| सूर्य राशि | वृषभ |
| अयन · ऋतु | उत्तरायण · वसन्त |
| ब्रह्म मुहूर्त | 03:08 AM – 03:56 AM |
| अमृत काल | 03:53 AM – 05:32 AM |
| राहु काल | 06:26 AM – 08:08 AM |
| गुलिक काल | 01:14 PM – 02:56 PM |
| यमगण्ड | 09:50 AM – 11:32 AM |
| वर्ज्यम् | — |
| अभिजित मुहूर्त | 11:04 AM – 11:59 AM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया। |
| दुर्मुहूर्त | 02:42 PM – 03:36 PM |
| अमृत | 04:44 AM – 06:26 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 06:26 AM – 08:08 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 08:08 AM – 09:50 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 09:50 AM – 11:32 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 11:32 AM – 01:14 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 01:14 PM – 02:56 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:56 PM – 04:38 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 04:38 PM – 06:20 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| चर | 06:20 PM – 07:38 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 07:38 PM – 08:56 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 08:56 PM – 10:14 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 10:14 PM – 11:32 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 11:32 PM – 12:50 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 12:50 AM – 02:08 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 02:08 AM – 03:26 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 03:26 AM – 04:44 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
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