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VedicSpaceपंचांगदोहा › 2027-06-04

दोहा पंचांग — 4 जून 2027

कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · शुक्रवार · (25.2854°, 51.531°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 04:43 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अमावस्यातक 10:40 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रकृत्तिका · पाद 4तक 06:44 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगसुकर्मातक 01:16 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणचतुष्पादतक 12:10 PMस्थिर करण — गोधन, स्थिर कार्य; शुभ आरम्भ हेतु मन्द।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय04:43 AM
सूर्यास्त06:22 PM
चन्द्रोदय03:56 AM
चन्द्रास्त06:08 PM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:05 AM – 11:59 AM
ब्रह्म मुहूर्त03:07 AM – 03:55 AM
अमृत काल03:15 AM – 04:43 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:50 AM – 11:32 AM
गुलिक काल06:25 AM – 08:07 AM
यमगण्ड02:57 PM – 04:39 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:10 AM – 11:05 AM
दुर्मुहूर्त01:49 PM – 02:43 PM

दिन चौघड़िया

चर04:43 AM – 06:25 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ06:25 AM – 08:07 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:07 AM – 09:50 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:50 AM – 11:32 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:32 AM – 01:14 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:14 PM – 02:57 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:57 PM – 04:39 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:39 PM – 06:22 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:22 PM – 07:39 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:39 PM – 08:57 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:57 PM – 10:14 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:14 PM – 11:32 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:32 PM – 12:50 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:50 AM – 02:07 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:07 AM – 03:25 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:25 AM – 04:43 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle