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VedicSpaceपंचांगदोहा › 2027-07-02

दोहा पंचांग — 2 जुलाई 2027

कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि, रोहिणी नक्षत्र · शुक्रवार · (25.2854°, 51.531°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 04:47 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष त्रयोदशीतक 12:53 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्ररोहिणी · पाद 3तक 02:56 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगगण्डतक 08:47 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणवणिजतक 12:53 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय04:47 AM
सूर्यास्त06:29 PM
चन्द्रोदय02:36 AM
चन्द्रास्त04:53 PM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:10 AM – 12:05 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:11 AM – 03:59 AM
अमृत काल10:49 AM – 12:16 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:55 AM – 11:38 AM
गुलिक काल06:29 AM – 08:12 AM
यमगण्ड03:03 PM – 04:46 PM
वर्ज्यम्06:28 AM – 07:55 AM
दुर्मुहूर्त10:15 AM – 11:10 AM
दुर्मुहूर्त01:55 PM – 02:49 PM

दिन चौघड़िया

चर04:47 AM – 06:29 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ06:29 AM – 08:12 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:12 AM – 09:55 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:55 AM – 11:38 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:38 AM – 01:20 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:20 PM – 03:03 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:03 PM – 04:46 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:46 PM – 06:29 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:29 PM – 07:46 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:46 PM – 09:03 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:03 PM – 10:20 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:20 PM – 11:38 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:38 PM – 12:55 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:55 AM – 02:12 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:12 AM – 03:29 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:29 AM – 04:47 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle