VedicSpace › पंचांग › दोहा › 2027-07-22
कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि, शतभिषा नक्षत्र · गुरुवार · (25.2854°, 51.531°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कर्क (आषाढ़)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 04:56 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष चतुर्थी | तक 04:26 AM | रिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु। |
| वार | गुरुवार | — | सर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान। |
| नक्षत्र | शतभिषा · पाद 2 | तक 08:55 PM | चर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म। |
| योग | सौभाग्य | तक 04:57 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | बव | तक 03:24 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 04:56 AM |
| सूर्यास्त | 06:25 PM |
| चन्द्रोदय | 08:41 PM |
| चन्द्रास्त | 07:53 AM |
| चन्द्र राशि | कुम्भ |
| सूर्य राशि | कर्क |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · ग्रीष्म |
| अभिजित मुहूर्त | 11:13 AM – 12:07 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 03:20 AM – 04:08 AM |
| अमृत काल | 11:49 AM – 01:36 PM |
| राहु काल | 01:21 PM – 03:02 PM |
| गुलिक काल | 08:18 AM – 09:59 AM |
| यमगण्ड | 04:56 AM – 06:37 AM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 01:01 PM – 01:55 PM |
| दुर्मुहूर्त | 04:37 PM – 05:31 PM |
| शुभ | 04:56 AM – 06:37 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 06:37 AM – 08:18 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 08:18 AM – 09:59 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 09:59 AM – 11:40 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 11:40 AM – 01:21 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 01:21 PM – 03:02 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 03:02 PM – 04:43 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 04:43 PM – 06:25 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| अमृत | 06:25 PM – 07:43 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 07:43 PM – 09:02 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 09:02 PM – 10:21 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 10:21 PM – 11:40 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 11:40 PM – 12:59 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 12:59 AM – 02:18 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:18 AM – 03:37 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 03:37 AM – 04:56 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
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