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VedicSpaceपंचांगदोहा › 2027-09-10

दोहा पंचांग — 10 सितम्बर 2027

शुक्ल पक्ष दशमी तिथि, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र · शुक्रवार · (25.2854°, 51.531°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:18 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष दशमीतक 02:30 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा · पाद 2तक 09:20 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगसौभाग्यतक 03:08 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 02:30 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:18 AM
सूर्यास्त05:44 PM
चन्द्रोदय02:28 PM
चन्द्रास्त12:08 AM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:06 AM – 11:55 AM
ब्रह्म मुहूर्त03:42 AM – 04:30 AM
अमृत काल03:14 PM – 05:02 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:57 AM – 11:31 AM
गुलिक काल06:51 AM – 08:24 AM
यमगण्ड02:37 PM – 04:10 PM
वर्ज्यम्04:25 AM – 06:13 AM
दुर्मुहूर्त10:16 AM – 11:06 AM
दुर्मुहूर्त01:35 PM – 02:25 PM

दिन चौघड़िया

चर05:18 AM – 06:51 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ06:51 AM – 08:24 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:24 AM – 09:57 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:57 AM – 11:31 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:31 AM – 01:04 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:04 PM – 02:37 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:37 PM – 04:10 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:10 PM – 05:44 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग05:44 PM – 07:10 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:10 PM – 08:37 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:37 PM – 10:04 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:04 PM – 11:31 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:31 PM – 12:57 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:57 AM – 02:24 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:24 AM – 03:51 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:51 AM – 05:18 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle