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VedicSpaceपंचांगदुबई › 2026-07-04

दुबई पंचांग — 4 जुलाई 2026

कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र · शनिवार · दुबई (25.2048°, 55.2708°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दुबई (25.2048°, 55.2708°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:33 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्थीतक 11:10 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रधनिष्ठा · पाद 4तक 12:14 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगप्रीतितक 03:31 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 11:10 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:33 AM
सूर्यास्त07:13 PM
चन्द्रोदय10:20 PM
चन्द्रास्त09:09 AM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:55 AM – 12:50 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:57 AM – 04:45 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:58 AM – 10:40 AM
गुलिक काल05:33 AM – 07:15 AM
यमगण्ड02:05 PM – 03:48 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त09:11 AM – 10:06 AM
दुर्मुहूर्त02:39 PM – 03:34 PM

दिन चौघड़िया

काल05:33 AM – 07:15 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:15 AM – 08:58 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:58 AM – 10:40 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:40 AM – 12:23 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:23 PM – 02:05 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:05 PM – 03:48 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:48 PM – 05:30 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:30 PM – 07:13 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ07:13 PM – 08:30 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:30 PM – 09:48 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:48 PM – 11:05 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:05 PM – 12:23 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:23 AM – 01:40 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:40 AM – 02:58 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:58 AM – 04:15 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:15 AM – 05:33 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle