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VedicSpaceपंचांगदुबई › 2026-08-13

दुबई पंचांग — 13 अगस्त 2026

शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि, मघा नक्षत्र · गुरुवार · दुबई (25.2048°, 55.2708°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दुबई (25.2048°, 55.2708°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:51 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष प्रतिपदातक 07:12 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रमघा · पाद 1तक 03:08 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगवरीयान्तक 10:46 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकिंस्तुघ्नतक 08:21 AMस्थिर करण — शुभ, उत्तम आरम्भ का पोषक।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:51 AM
सूर्यास्त06:56 PM
चन्द्रोदय06:22 AM
चन्द्रास्त07:25 PM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:57 AM – 12:49 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:15 AM – 05:03 AM
अमृत काल12:44 AM – 02:14 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:01 PM – 03:39 PM
गुलिक काल09:07 AM – 10:45 AM
यमगण्ड05:51 AM – 07:29 AM
वर्ज्यम्03:43 PM – 05:13 PM
दुर्मुहूर्त01:42 PM – 02:34 PM
दुर्मुहूर्त05:11 PM – 06:03 PM

दिन चौघड़िया

शुभ05:51 AM – 07:29 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:29 AM – 09:07 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:07 AM – 10:45 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:45 AM – 12:23 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:23 PM – 02:01 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:01 PM – 03:39 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:39 PM – 05:17 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:17 PM – 06:56 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:56 PM – 08:17 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:17 PM – 09:39 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:39 PM – 11:01 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:01 PM – 12:23 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:23 AM – 01:45 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:45 AM – 03:07 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:07 AM – 04:29 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:29 AM – 05:51 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle