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VedicSpaceपंचांगदुबई › 2026-09-11

दुबई पंचांग — 11 सितम्बर 2026

कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि, पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र · शुक्रवार · दुबई (25.2048°, 55.2708°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दुबई (25.2048°, 55.2708°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:03 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अमावस्यातक 07:27 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रपूर्वा फाल्गुनी · पाद 4तक 11:46 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगसाध्यतक 03:32 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणनागतक 07:27 AMस्थिर करण — केवल कठोर / क्रूर कर्म।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:03 AM
सूर्यास्त06:28 PM
चन्द्रोदय06:09 AM
चन्द्रास्त06:29 PM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:50 AM – 12:40 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:27 AM – 05:15 AM
अमृत काल05:35 AM – 07:09 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:42 AM – 12:15 PM
गुलिक काल07:36 AM – 09:09 AM
यमगण्ड03:21 PM – 04:54 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:01 AM – 11:50 AM
दुर्मुहूर्त02:19 PM – 03:09 PM

दिन चौघड़िया

चर06:03 AM – 07:36 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:36 AM – 09:09 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:09 AM – 10:42 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:42 AM – 12:15 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:15 PM – 01:48 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:48 PM – 03:21 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:21 PM – 04:54 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:54 PM – 06:28 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:28 PM – 07:54 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:54 PM – 09:21 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:21 PM – 10:48 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:48 PM – 12:15 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:15 AM – 01:42 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:42 AM – 03:09 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:09 AM – 04:36 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:36 AM – 06:03 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle