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VedicSpaceपंचांगदुबई › 2026-09-24

दुबई पंचांग — 24 सितम्बर 2026

शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र · गुरुवार · दुबई (25.2048°, 55.2708°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दुबई (25.2048°, 55.2708°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:08 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष त्रयोदशीतक 09:48 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रधनिष्ठा · पाद 4तक 09:05 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगधृतितक 02:24 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 09:39 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:08 AM
सूर्यास्त06:14 PM
चन्द्रोदय04:54 PM
चन्द्रास्त03:41 AM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:46 AM – 12:35 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:32 AM – 05:20 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:41 PM – 03:12 PM
गुलिक काल09:09 AM – 10:40 AM
यमगण्ड06:08 AM – 07:38 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त01:23 PM – 02:12 PM
दुर्मुहूर्त04:37 PM – 05:25 PM

दिन चौघड़िया

शुभ06:08 AM – 07:38 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:38 AM – 09:09 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:09 AM – 10:40 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:40 AM – 12:11 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:11 PM – 01:41 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:41 PM – 03:12 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:12 PM – 04:43 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:43 PM – 06:14 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:14 PM – 07:43 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:43 PM – 09:12 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:12 PM – 10:41 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:41 PM – 12:11 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:11 AM – 01:40 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:40 AM – 03:09 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:09 AM – 04:38 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:38 AM – 06:08 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle