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VedicSpaceपंचांगदुबई › 2026-10-26

दुबई पंचांग — 26 अक्टूबर 2026

शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि, अश्विनी नक्षत्र · सोमवार · दुबई (25.2048°, 55.2708°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दुबई (25.2048°, 55.2708°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:23 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पूर्णिमातक 08:11 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रअश्विनी · पाद 3तक 04:11 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगवज्रतक 12:47 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबवतक 08:11 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:23 AM
सूर्यास्त05:43 PM
चन्द्रोदय05:45 PM
चन्द्रास्त06:19 AM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:47 AM – 05:35 AM
अमृत काल09:54 AM – 11:23 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल07:48 AM – 09:13 AM
गुलिक काल01:28 PM – 02:53 PM
यमगण्ड10:38 AM – 12:03 PM
वर्ज्यम्12:52 PM – 02:21 PM
अभिजित मुहूर्त11:40 AM – 12:25 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त02:41 PM – 03:27 PM

दिन चौघड़िया

अमृत06:23 AM – 07:48 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:48 AM – 09:13 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:13 AM – 10:38 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:38 AM – 12:03 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:03 PM – 01:28 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:28 PM – 02:53 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:53 PM – 04:18 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:18 PM – 05:43 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर05:43 PM – 07:18 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:18 PM – 08:53 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:53 PM – 10:28 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:28 PM – 12:03 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:03 AM – 01:38 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:38 AM – 03:13 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:13 AM – 04:48 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:48 AM – 06:23 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle