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VedicSpaceपंचांगदुबई › 2027-01-27

दुबई पंचांग — 27 जनवरी 2027

कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि, हस्त नक्षत्र · बुधवार · दुबई (25.2048°, 55.2708°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दुबई (25.2048°, 55.2708°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:04 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष षष्ठीतक 02:24 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रहस्त · पाद 2तक 10:26 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगसुकर्मातक 04:49 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 02:37 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:04 AM
सूर्यास्त06:00 PM
चन्द्रोदय11:17 PM
चन्द्रास्त10:07 AM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:28 AM – 06:16 AM
अमृत काल05:31 PM – 07:06 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:32 PM – 01:54 PM
गुलिक काल11:10 AM – 12:32 PM
यमगण्ड08:26 AM – 09:48 AM
वर्ज्यम्08:20 AM – 09:56 AM
अभिजित मुहूर्त12:10 PM – 12:53 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:58 AM – 10:42 AM

दिन चौघड़िया

लाभ07:04 AM – 08:26 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:26 AM – 09:48 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:48 AM – 11:10 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:10 AM – 12:32 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:32 PM – 01:54 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:54 PM – 03:16 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:16 PM – 04:38 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:38 PM – 06:00 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग06:00 PM – 07:38 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:38 PM – 09:16 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:16 PM – 10:54 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:54 PM – 12:32 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:32 AM – 02:10 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:10 AM – 03:48 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:48 AM – 05:26 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:26 AM – 07:04 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle