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VedicSpaceपंचांगदुबई › 2027-02-07

दुबई पंचांग — 7 फ़रवरी 2027

शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र · रविवार · दुबई (25.2048°, 55.2708°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दुबई (25.2048°, 55.2708°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:59 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष प्रतिपदातक 09:57 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रधनिष्ठा · पाद 2तक 10:19 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगवरीयान्तक 08:11 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकिंस्तुघ्नतक 08:59 AMस्थिर करण — शुभ, उत्तम आरम्भ का पोषक।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:59 AM
सूर्यास्त06:08 PM
चन्द्रोदय07:23 AM
चन्द्रास्त06:48 PM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:11 PM – 12:55 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:23 AM – 06:11 AM
अमृत काल11:50 AM – 01:36 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:44 PM – 06:08 PM
गुलिक काल03:20 PM – 04:44 PM
यमगण्ड12:33 PM – 01:57 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त04:38 PM – 05:23 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:59 AM – 08:22 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:22 AM – 09:46 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:46 AM – 11:09 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:09 AM – 12:33 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:33 PM – 01:57 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:57 PM – 03:20 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:20 PM – 04:44 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:44 PM – 06:08 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:08 PM – 07:44 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:44 PM – 09:20 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:20 PM – 10:57 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:57 PM – 12:33 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:33 AM – 02:09 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:09 AM – 03:46 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:46 AM – 05:22 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:22 AM – 06:59 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle