VedicSpace › पंचांग › द्वारका › 2025-09-20
कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि, मघा नक्षत्र · शनिवार · गुजरात (22.2442°, 68.9685°)
दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947कन्या (भाद्रपद)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना द्वारका (22.2442°, 68.9685°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:42 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष चतुर्दशी | तक 12:17 AM | रिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | मघा · पाद 4 | तक 08:05 AM | उग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित। |
| योग | साध्य | तक 08:06 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | विष्टि (भद्रा) | तक 11:54 AM | भद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु। |
| सूर्योदय | 06:42 AM |
| सूर्यास्त | 06:53 PM |
| चन्द्रोदय | 05:18 AM |
| चन्द्रास्त | 06:01 PM |
| चन्द्र राशि | सिंह |
| सूर्य राशि | कन्या |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · वर्षा |
| अभिजित मुहूर्त | 12:23 PM – 01:11 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:06 AM – 05:54 AM |
| अमृत काल | 06:16 AM – 07:57 AM |
| राहु काल | 09:44 AM – 11:16 AM |
| गुलिक काल | 06:42 AM – 08:13 AM |
| यमगण्ड | 02:18 PM – 03:50 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 09:56 AM – 10:45 AM |
| दुर्मुहूर्त | 02:49 PM – 03:38 PM |
| काल | 06:42 AM – 08:13 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 08:13 AM – 09:44 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 09:44 AM – 11:16 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 11:16 AM – 12:47 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 12:47 PM – 02:18 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:18 PM – 03:50 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 03:50 PM – 05:21 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 05:21 PM – 06:53 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 06:53 PM – 08:21 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 08:21 PM – 09:50 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 09:50 PM – 11:18 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 11:18 PM – 12:47 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 12:47 AM – 02:16 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 02:16 AM – 03:44 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 03:44 AM – 05:13 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 05:13 AM – 06:42 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
यह दिन आपकी कुंडली पर: अपनी कुंडली बनाएँ · मुहूर्त खोजें · मेरा 90-दिन का पंचांग
18 Sep 202519 Sep 202521 Sep 202522 Sep 202523 Sep 202527 Sep 2025
लखनऊदिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरवाराणसीपटना