VedicSpace › पंचांग › द्वारका › 2025-10-30
शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि, श्रवण नक्षत्र · गुरुवार · गुजरात (22.2442°, 68.9685°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947तुला (आश्विन)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना द्वारका (22.2442°, 68.9685°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:57 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष अष्टमी | तक 10:07 AM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | गुरुवार | — | सर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान। |
| नक्षत्र | श्रवण · पाद 2 | तक 06:33 PM | चर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म। |
| योग | शूल | तक 07:20 AM | अशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित। |
| करण | बव | तक 10:07 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:57 AM |
| सूर्यास्त | 06:18 PM |
| चन्द्रोदय | 02:09 PM |
| चन्द्रास्त | 12:24 AM |
| चन्द्र राशि | मकर |
| सूर्य राशि | तुला |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| अभिजित मुहूर्त | 12:14 PM – 01:00 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:21 AM – 06:09 AM |
| अमृत काल | 08:43 AM – 10:23 AM |
| राहु काल | 02:02 PM – 03:27 PM |
| गुलिक काल | 09:47 AM – 11:12 AM |
| यमगण्ड | 06:57 AM – 08:22 AM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 01:45 PM – 02:31 PM |
| दुर्मुहूर्त | 04:47 PM – 05:32 PM |
| शुभ | 06:57 AM – 08:22 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 08:22 AM – 09:47 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 09:47 AM – 11:12 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 11:12 AM – 12:37 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 12:37 PM – 02:02 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 02:02 PM – 03:27 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 03:27 PM – 04:52 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 04:52 PM – 06:18 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| अमृत | 06:18 PM – 07:52 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 07:52 PM – 09:27 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 09:27 PM – 11:02 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 11:02 PM – 12:37 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 12:37 AM – 02:12 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 02:12 AM – 03:47 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 03:47 AM – 05:22 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 05:22 AM – 06:57 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
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