VedicSpace › पंचांग › द्वारका › 2025-12-01
शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि, रेवती नक्षत्र · सोमवार · गुजरात (22.2442°, 68.9685°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947वृश्चिक (कार्तिक)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना द्वारका (22.2442°, 68.9685°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:17 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष एकादशी | तक 07:01 PM | नन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | सोमवार | — | यात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म। |
| नक्षत्र | रेवती · पाद 1 | तक 11:18 PM | मृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख। |
| योग | व्यतीपात | तक 12:58 AM | महापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित। |
| करण | वणिज | तक 08:20 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 07:17 AM |
| सूर्यास्त | 06:10 PM |
| चन्द्रोदय | 03:06 PM |
| चन्द्रास्त | 03:02 AM |
| चन्द्र राशि | मीन |
| सूर्य राशि | वृश्चिक |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:41 AM – 06:29 AM |
| अमृत काल | 10:23 PM – 11:51 PM |
| राहु काल | 08:38 AM – 10:00 AM |
| गुलिक काल | 02:05 PM – 03:26 PM |
| यमगण्ड | 11:21 AM – 12:43 PM |
| वर्ज्यम् | 01:33 PM – 03:02 PM |
| अभिजित मुहूर्त | 12:21 PM – 01:05 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया। |
| दुर्मुहूर्त | 03:15 PM – 03:59 PM |
| अमृत | 07:17 AM – 08:38 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 08:38 AM – 10:00 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 10:00 AM – 11:21 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 11:21 AM – 12:43 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 12:43 PM – 02:05 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 02:05 PM – 03:26 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 03:26 PM – 04:48 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 04:48 PM – 06:10 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| चर | 06:10 PM – 07:48 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 07:48 PM – 09:26 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 09:26 PM – 11:05 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 11:05 PM – 12:43 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 12:43 AM – 02:21 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 02:21 AM – 04:00 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 04:00 AM – 05:38 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 05:38 AM – 07:17 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
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