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VedicSpaceपंचांगद्वारका › 2025-12-25

द्वारका पंचांग — 25 दिसम्बर 2025

शुक्ल पक्ष पञ्चमी तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र · गुरुवार · गुजरात (22.2442°, 68.9685°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना द्वारका (22.2442°, 68.9685°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:31 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पञ्चमीतक 01:43 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रधनिष्ठा · पाद 4तक 08:18 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगवज्रतक 03:13 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबालवतक 01:43 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:31 AM
सूर्यास्त06:18 PM
चन्द्रोदय11:20 AM
चन्द्रास्त11:00 PM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:32 PM – 01:16 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:55 AM – 06:43 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:15 PM – 03:36 PM
गुलिक काल10:12 AM – 11:33 AM
यमगण्ड07:31 AM – 08:51 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त01:59 PM – 02:42 PM
दुर्मुहूर्त04:51 PM – 05:34 PM

दिन चौघड़िया

शुभ07:31 AM – 08:51 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:51 AM – 10:12 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:12 AM – 11:33 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:33 AM – 12:54 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:54 PM – 02:15 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:15 PM – 03:36 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:36 PM – 04:57 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:57 PM – 06:18 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:18 PM – 07:57 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:57 PM – 09:36 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:36 PM – 11:15 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:15 PM – 12:54 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:54 AM – 02:33 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:33 AM – 04:12 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:12 AM – 05:51 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:51 AM – 07:31 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle