VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगद्वारका › 2026-01-23

द्वारका पंचांग — 23 जनवरी 2026

शुक्ल पक्ष पञ्चमी तिथि, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र · शुक्रवार · गुजरात (22.2442°, 68.9685°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना द्वारका (22.2442°, 68.9685°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:35 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पञ्चमीतक 01:46 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रपूर्वाभाद्रपद · पाद 3तक 02:33 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगपरिघतक 03:59 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबवतक 02:10 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:35 AM
सूर्यास्त06:37 PM
चन्द्रोदय10:29 AM
चन्द्रास्त10:47 PM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:43 PM – 01:28 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:59 AM – 06:47 AM
अमृत काल08:08 AM – 09:44 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:43 AM – 01:06 PM
गुलिक काल08:57 AM – 10:20 AM
यमगण्ड03:51 PM – 05:14 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:59 AM – 12:43 PM
दुर्मुहूर्त02:56 PM – 03:40 PM

दिन चौघड़िया

चर07:35 AM – 08:57 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:57 AM – 10:20 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:20 AM – 11:43 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:43 AM – 01:06 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:06 PM – 02:28 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:28 PM – 03:51 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:51 PM – 05:14 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:14 PM – 06:37 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:37 PM – 08:14 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:14 PM – 09:51 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:51 PM – 11:28 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:28 PM – 01:06 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:06 AM – 02:43 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:43 AM – 04:20 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:20 AM – 05:57 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:57 AM – 07:35 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle