VedicSpace › पंचांग › द्वारका › 2026-03-07
कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि, चित्रा नक्षत्र · शनिवार · गुजरात (22.2442°, 68.9685°)
दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कुम्भ (माघ)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना द्वारका (22.2442°, 68.9685°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:10 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष चतुर्थी | तक 07:17 PM | रिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | चित्रा · पाद 4 | तक 11:15 AM | मृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख। |
| योग | वृद्धि | तक 06:52 AM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | बव | तक 06:31 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 07:10 AM |
| सूर्यास्त | 07:00 PM |
| चन्द्रोदय | 10:38 PM |
| चन्द्रास्त | 09:10 AM |
| चन्द्र राशि | तुला |
| सूर्य राशि | कुम्भ |
| अयन · ऋतु | उत्तरायण · शिशिर |
| अभिजित मुहूर्त | 12:41 PM – 01:28 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:34 AM – 06:22 AM |
| अमृत काल | 05:30 AM – 07:14 AM |
| राहु काल | 10:07 AM – 11:36 AM |
| गुलिक काल | 07:10 AM – 08:38 AM |
| यमगण्ड | 02:33 PM – 04:02 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 10:19 AM – 11:06 AM |
| दुर्मुहूर्त | 03:03 PM – 03:50 PM |
| काल | 07:10 AM – 08:38 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 08:38 AM – 10:07 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 10:07 AM – 11:36 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 11:36 AM – 01:05 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 01:05 PM – 02:33 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:33 PM – 04:02 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 04:02 PM – 05:31 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 05:31 PM – 07:00 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 07:00 PM – 08:31 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 08:31 PM – 10:02 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 10:02 PM – 11:33 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 11:33 PM – 01:05 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 01:05 AM – 02:36 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 02:36 AM – 04:07 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 04:07 AM – 05:38 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 05:38 AM – 07:10 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
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