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VedicSpaceपंचांगद्वारका › 2026-07-24

द्वारका पंचांग — 24 जुलाई 2026

शुक्ल पक्ष दशमी तिथि, अनुराधा नक्षत्र · शुक्रवार · गुजरात (22.2442°, 68.9685°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना द्वारका (22.2442°, 68.9685°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:23 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष दशमीतक 09:13 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रअनुराधा · पाद 1तक 04:36 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगशुक्लतक 08:11 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 09:13 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:23 AM
सूर्यास्त07:39 PM
चन्द्रोदय03:42 PM
चन्द्रास्त01:36 AM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:34 PM – 01:27 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:47 AM – 05:35 AM
अमृत काल02:38 PM – 05:20 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:21 AM – 01:01 PM
गुलिक काल08:02 AM – 09:42 AM
यमगण्ड04:20 PM – 05:59 PM
वर्ज्यम्06:34 AM – 08:21 AM
दुर्मुहूर्त11:41 AM – 12:34 PM
दुर्मुहूर्त03:13 PM – 04:06 PM

दिन चौघड़िया

चर06:23 AM – 08:02 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:02 AM – 09:42 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:42 AM – 11:21 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:21 AM – 01:01 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:01 PM – 02:40 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:40 PM – 04:20 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:20 PM – 05:59 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:59 PM – 07:39 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग07:39 PM – 08:59 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:59 PM – 10:20 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:20 PM – 11:40 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:40 PM – 01:01 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:01 AM – 02:21 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:21 AM – 03:42 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:42 AM – 05:02 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:02 AM – 06:23 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle