VedicSpace › पंचांग › द्वारका › 2026-09-01
कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि, अश्विनी नक्षत्र · मङ्गलवार · गुजरात (22.2442°, 68.9685°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना द्वारका (22.2442°, 68.9685°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:37 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष चतुर्थी | तक 07:42 AM | रिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु। |
| वार | मङ्गलवार | — | पराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | अश्विनी · पाद 1 | तक 02:42 AM | क्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य। |
| योग | वृद्धि | तक 11:38 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | बालव | तक 07:42 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:37 AM |
| सूर्यास्त | 07:11 PM |
| चन्द्रोदय | 09:49 PM |
| चन्द्रास्त | 10:11 AM |
| चन्द्र राशि | मेष |
| सूर्य राशि | सिंह |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · वर्षा |
| अभिजित मुहूर्त | 12:28 PM – 01:19 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:01 AM – 05:49 AM |
| अमृत काल | 08:20 PM – 09:53 PM |
| राहु काल | 04:02 PM – 05:36 PM |
| गुलिक काल | 12:54 PM – 02:28 PM |
| यमगण्ड | 09:45 AM – 11:19 AM |
| वर्ज्यम् | 11:26 PM – 12:59 AM |
| दुर्मुहूर्त | 11:38 AM – 12:28 PM |
| दुर्मुहूर्त | 02:59 PM – 03:49 PM |
| रोग | 06:37 AM – 08:11 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 08:11 AM – 09:45 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 09:45 AM – 11:19 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 11:19 AM – 12:54 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 12:54 PM – 02:28 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 02:28 PM – 04:02 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 04:02 PM – 05:36 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 05:36 PM – 07:11 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| काल | 07:11 PM – 08:36 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 08:36 PM – 10:02 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 10:02 PM – 11:28 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 11:28 PM – 12:54 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 12:54 AM – 02:19 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:19 AM – 03:45 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 03:45 AM – 05:11 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 05:11 AM – 06:37 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
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