VedicSpace › पंचांग › द्वारका › 2026-10-09
कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र · शुक्रवार · गुजरात (22.2442°, 68.9685°)
दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना द्वारका (22.2442°, 68.9685°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:48 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष चतुर्दशी | तक 09:36 PM | रिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु। |
| वार | शुक्रवार | — | कला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख। |
| नक्षत्र | उत्तरा फाल्गुनी · पाद 2 | तक 09:19 PM | स्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म। |
| योग | ब्रह्म | तक 11:21 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | विष्टि (भद्रा) | तक 09:53 AM | भद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु। |
| सूर्योदय | 06:48 AM |
| सूर्यास्त | 06:35 PM |
| चन्द्रोदय | 05:28 AM |
| चन्द्रास्त | 05:35 PM |
| चन्द्र राशि | कन्या |
| सूर्य राशि | कन्या |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · वर्षा |
| अभिजित मुहूर्त | 12:17 PM – 01:05 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:12 AM – 06:00 AM |
| अमृत काल | 02:54 PM – 04:31 PM |
| राहु काल | 11:13 AM – 12:41 PM |
| गुलिक काल | 08:16 AM – 09:44 AM |
| यमगण्ड | 03:38 PM – 05:06 PM |
| वर्ज्यम् | 05:17 AM – 06:53 AM |
| दुर्मुहूर्त | 11:30 AM – 12:17 PM |
| दुर्मुहूर्त | 02:39 PM – 03:26 PM |
| चर | 06:48 AM – 08:16 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 08:16 AM – 09:44 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 09:44 AM – 11:13 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 11:13 AM – 12:41 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 12:41 PM – 02:09 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 02:09 PM – 03:38 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 03:38 PM – 05:06 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 05:06 PM – 06:35 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| रोग | 06:35 PM – 08:06 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 08:06 PM – 09:38 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 09:38 PM – 11:09 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 11:09 PM – 12:41 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 12:41 AM – 02:13 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 02:13 AM – 03:44 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 03:44 AM – 05:16 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 05:16 AM – 06:48 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
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