VedicSpace › पंचांग › द्वारका › 2026-12-08
कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि, अनुराधा नक्षत्र · मङ्गलवार · गुजरात (22.2442°, 68.9685°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना द्वारका (22.2442°, 68.9685°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:21 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष अमावस्या | तक 06:21 AM | पूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | मङ्गलवार | — | पराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | अनुराधा · पाद 3 | तक 06:16 PM | मृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख। |
| योग | सुकर्मा | तक 08:06 AM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | चतुष्पाद | तक 05:15 PM | स्थिर करण — गोधन, स्थिर कार्य; शुभ आरम्भ हेतु मन्द। |
| सूर्योदय | 07:21 AM |
| सूर्यास्त | 06:11 PM |
| चन्द्रोदय | 06:46 AM |
| चन्द्रास्त | 05:25 PM |
| चन्द्र राशि | वृश्चिक |
| सूर्य राशि | वृश्चिक |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| अभिजित मुहूर्त | 12:24 PM – 01:07 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:45 AM – 06:33 AM |
| अमृत काल | 05:27 AM – 08:07 AM |
| राहु काल | 03:28 PM – 04:49 PM |
| गुलिक काल | 12:46 PM – 02:07 PM |
| यमगण्ड | 10:03 AM – 11:24 AM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 11:41 AM – 12:24 PM |
| दुर्मुहूर्त | 02:34 PM – 03:17 PM |
| रोग | 07:21 AM – 08:42 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 08:42 AM – 10:03 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 10:03 AM – 11:24 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 11:24 AM – 12:46 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 12:46 PM – 02:07 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 02:07 PM – 03:28 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 03:28 PM – 04:49 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 04:49 PM – 06:11 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| काल | 06:11 PM – 07:49 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 07:49 PM – 09:28 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 09:28 PM – 11:07 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 11:07 PM – 12:46 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 12:46 AM – 02:24 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:24 AM – 04:03 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 04:03 AM – 05:42 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 05:42 AM – 07:21 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
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