VedicSpace › पंचांग › द्वारका › 2026-12-18
शुक्ल पक्ष नवमी तिथि, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र · शुक्रवार · गुजरात (22.2442°, 68.9685°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948धनु (मार्गशीर्ष)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना द्वारका (22.2442°, 68.9685°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:27 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष नवमी | तक 11:14 PM | रिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु। |
| वार | शुक्रवार | — | कला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख। |
| नक्षत्र | उत्तराभाद्रपद · पाद 3 | तक 04:10 PM | स्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म। |
| योग | व्यतीपात | तक 12:19 PM | महापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित। |
| करण | बालव | तक 11:27 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 07:27 AM |
| सूर्यास्त | 06:14 PM |
| चन्द्रोदय | 01:27 PM |
| चन्द्रास्त | 01:16 AM |
| चन्द्र राशि | मीन |
| सूर्य राशि | धनु |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · हेमन्त |
| अभिजित मुहूर्त | 12:28 PM – 01:12 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:51 AM – 06:39 AM |
| अमृत काल | 12:44 PM – 02:22 PM |
| राहु काल | 11:29 AM – 12:50 PM |
| गुलिक काल | 08:47 AM – 10:08 AM |
| यमगण्ड | 03:32 PM – 04:53 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 11:45 AM – 12:28 PM |
| दुर्मुहूर्त | 02:38 PM – 03:21 PM |
| चर | 07:27 AM – 08:47 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 08:47 AM – 10:08 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 10:08 AM – 11:29 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 11:29 AM – 12:50 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 12:50 PM – 02:11 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 02:11 PM – 03:32 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 03:32 PM – 04:53 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 04:53 PM – 06:14 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| रोग | 06:14 PM – 07:53 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 07:53 PM – 09:32 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 09:32 PM – 11:11 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 11:11 PM – 12:50 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 12:50 AM – 02:29 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 02:29 AM – 04:08 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 04:08 AM – 05:47 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 05:47 AM – 07:27 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
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