VedicSpace › पंचांग › द्वारका › 2026-12-26
कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि, पुष्य नक्षत्र · शनिवार · गुजरात (22.2442°, 68.9685°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948धनु (मार्गशीर्ष)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना द्वारका (22.2442°, 68.9685°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:31 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष तृतीया | तक 08:05 PM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | पुष्य · पाद 2 | तक 08:13 PM | क्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य। |
| योग | वैधृति | तक 12:22 AM | महापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित। |
| करण | वणिज | तक 09:42 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 07:31 AM |
| सूर्यास्त | 06:18 PM |
| चन्द्रोदय | 09:04 PM |
| चन्द्रास्त | 09:34 AM |
| चन्द्र राशि | कर्क |
| सूर्य राशि | धनु |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · हेमन्त |
| अभिजित मुहूर्त | 12:32 PM – 01:16 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:55 AM – 06:43 AM |
| अमृत काल | 04:00 PM – 05:26 PM |
| राहु काल | 10:12 AM – 11:33 AM |
| गुलिक काल | 07:31 AM – 08:51 AM |
| यमगण्ड | 02:15 PM – 03:36 PM |
| वर्ज्यम् | 07:26 AM – 08:51 AM |
| दुर्मुहूर्त | 10:23 AM – 11:06 AM |
| दुर्मुहूर्त | 02:42 PM – 03:25 PM |
| काल | 07:31 AM – 08:51 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 08:51 AM – 10:12 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 10:12 AM – 11:33 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 11:33 AM – 12:54 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 12:54 PM – 02:15 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:15 PM – 03:36 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 03:36 PM – 04:57 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 04:57 PM – 06:18 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 06:18 PM – 07:57 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 07:57 PM – 09:36 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 09:36 PM – 11:15 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 11:15 PM – 12:54 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 12:54 AM – 02:33 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 02:33 AM – 04:12 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 04:12 AM – 05:51 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 05:51 AM – 07:31 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
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