VedicSpace › पंचांग › द्वारका › 2027-03-20
शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि, मघा नक्षत्र · शनिवार · गुजरात (22.2442°, 68.9685°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मीन (फाल्गुन)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना द्वारका (22.2442°, 68.9685°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:59 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष त्रयोदशी | तक 08:45 PM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | मघा · पाद 1 | तक 11:44 PM | उग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित। |
| योग | धृति | तक 08:05 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | कौलव | तक 10:01 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:59 AM |
| सूर्यास्त | 07:05 PM |
| चन्द्रोदय | 05:13 PM |
| चन्द्रास्त | 05:15 AM |
| चन्द्र राशि | सिंह |
| सूर्य राशि | मीन |
| अयन · ऋतु | उत्तरायण · शिशिर |
| अभिजित मुहूर्त | 12:37 PM – 01:26 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:23 AM – 06:11 AM |
| अमृत काल | 10:30 PM – 11:59 PM |
| राहु काल | 10:00 AM – 11:31 AM |
| गुलिक काल | 06:59 AM – 08:29 AM |
| यमगण्ड | 02:32 PM – 04:03 PM |
| वर्ज्यम् | 01:37 PM – 03:05 PM |
| दुर्मुहूर्त | 10:12 AM – 11:01 AM |
| दुर्मुहूर्त | 03:03 PM – 03:51 PM |
| काल | 06:59 AM – 08:29 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 08:29 AM – 10:00 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 10:00 AM – 11:31 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 11:31 AM – 01:02 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 01:02 PM – 02:32 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:32 PM – 04:03 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 04:03 PM – 05:34 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 05:34 PM – 07:05 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 07:05 PM – 08:34 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 08:34 PM – 10:03 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 10:03 PM – 11:32 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 11:32 PM – 01:02 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 01:02 AM – 02:31 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 02:31 AM – 04:00 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 04:00 AM – 05:29 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 05:29 AM – 06:59 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
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