VedicSpace › पंचांग › द्वारका › 2027-04-03
कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र · शनिवार · गुजरात (22.2442°, 68.9685°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मीन (फाल्गुन)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना द्वारका (22.2442°, 68.9685°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:45 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष द्वादशी | तक 04:27 AM | भद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | धनिष्ठा · पाद 3 | तक 02:42 PM | चर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म। |
| योग | साध्य | तक 10:10 AM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | कौलव | तक 03:44 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:45 AM |
| सूर्यास्त | 07:10 PM |
| चन्द्रोदय | 04:26 AM |
| चन्द्रास्त | 04:00 PM |
| चन्द्र राशि | कुम्भ |
| सूर्य राशि | मीन |
| अयन · ऋतु | उत्तरायण · शिशिर |
| अभिजित मुहूर्त | 12:32 PM – 01:22 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:09 AM – 05:57 AM |
| अमृत काल | — |
| राहु काल | 09:51 AM – 11:24 AM |
| गुलिक काल | 06:45 AM – 08:18 AM |
| यमगण्ड | 02:30 PM – 04:03 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 10:03 AM – 10:53 AM |
| दुर्मुहूर्त | 03:01 PM – 03:51 PM |
| काल | 06:45 AM – 08:18 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 08:18 AM – 09:51 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 09:51 AM – 11:24 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 11:24 AM – 12:57 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 12:57 PM – 02:30 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:30 PM – 04:03 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 04:03 PM – 05:36 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 05:36 PM – 07:10 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 07:10 PM – 08:36 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 08:36 PM – 10:03 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 10:03 PM – 11:30 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 11:30 PM – 12:57 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 12:57 AM – 02:24 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 02:24 AM – 03:51 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 03:51 AM – 05:18 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 05:18 AM – 06:45 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
यह दिन आपकी कुंडली पर: अपनी कुंडली बनाएँ · मुहूर्त खोजें · मेरा 90-दिन का पंचांग
01 Apr 202702 Apr 202704 Apr 202705 Apr 202706 Apr 202710 Apr 2027
लखनऊदिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरवाराणसीपटना