VedicSpace › पंचांग › द्वारका › 2027-04-23
कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि, अनुराधा नक्षत्र · शुक्रवार · गुजरात (22.2442°, 68.9685°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना द्वारका (22.2442°, 68.9685°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:28 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष तृतीया | तक 04:21 AM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शुक्रवार | — | कला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख। |
| नक्षत्र | अनुराधा · पाद 1 | तक 06:57 AM | मृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख। |
| योग | व्यतीपात | तक 02:13 PM | महापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित। |
| करण | वणिज | तक 03:54 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:28 AM |
| सूर्यास्त | 07:17 PM |
| चन्द्रोदय | 09:52 PM |
| चन्द्रास्त | 07:44 AM |
| चन्द्र राशि | वृश्चिक |
| सूर्य राशि | मेष |
| अयन · ऋतु | उत्तरायण · वसन्त |
| अभिजित मुहूर्त | 12:26 PM – 01:18 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:52 AM – 05:40 AM |
| अमृत काल | 05:51 PM – 08:24 PM |
| राहु काल | 11:16 AM – 12:52 PM |
| गुलिक काल | 08:04 AM – 09:40 AM |
| यमगण्ड | 04:04 PM – 05:40 PM |
| वर्ज्यम् | 10:14 AM – 11:56 AM |
| दुर्मुहूर्त | 11:35 AM – 12:26 PM |
| दुर्मुहूर्त | 03:00 PM – 03:51 PM |
| चर | 06:28 AM – 08:04 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 08:04 AM – 09:40 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 09:40 AM – 11:16 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 11:16 AM – 12:52 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 12:52 PM – 02:28 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 02:28 PM – 04:04 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 04:04 PM – 05:40 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 05:40 PM – 07:17 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| रोग | 07:17 PM – 08:40 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 08:40 PM – 10:04 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 10:04 PM – 11:28 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 11:28 PM – 12:52 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 12:52 AM – 02:16 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 02:16 AM – 03:40 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 03:40 AM – 05:04 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 05:04 AM – 06:28 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
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