VedicSpace › पंचांग › द्वारका › 2027-05-01
कृष्ण पक्ष दशमी तिथि, शतभिषा नक्षत्र · शनिवार · गुजरात (22.2442°, 68.9685°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना द्वारका (22.2442°, 68.9685°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:22 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष दशमी | तक 06:54 PM | पूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | शतभिषा · पाद 2 | तक 01:16 AM | चर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म। |
| योग | ब्रह्म | तक 06:43 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | वणिज | तक 06:08 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:22 AM |
| सूर्यास्त | 07:21 PM |
| चन्द्रोदय | 02:56 AM |
| चन्द्रास्त | 02:42 PM |
| चन्द्र राशि | कुम्भ |
| सूर्य राशि | मेष |
| अयन · ऋतु | उत्तरायण · वसन्त |
| अभिजित मुहूर्त | 12:25 PM – 01:17 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:46 AM – 05:34 AM |
| अमृत काल | 05:50 PM – 07:34 PM |
| राहु काल | 09:36 AM – 11:14 AM |
| गुलिक काल | 06:22 AM – 07:59 AM |
| यमगण्ड | 02:28 PM – 04:06 PM |
| वर्ज्यम् | 07:25 AM – 09:09 AM |
| दुर्मुहूर्त | 09:49 AM – 10:41 AM |
| दुर्मुहूर्त | 03:01 PM – 03:53 PM |
| काल | 06:22 AM – 07:59 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 07:59 AM – 09:36 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 09:36 AM – 11:14 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 11:14 AM – 12:51 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 12:51 PM – 02:28 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:28 PM – 04:06 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 04:06 PM – 05:43 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 05:43 PM – 07:21 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 07:21 PM – 08:43 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 08:43 PM – 10:06 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 10:06 PM – 11:28 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 11:28 PM – 12:51 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 12:51 AM – 02:14 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 02:14 AM – 03:36 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 03:36 AM – 04:59 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 04:59 AM – 06:22 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
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