VedicSpace › पंचांग › द्वारका › 2027-06-05
शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि, रोहिणी नक्षत्र · शनिवार · गुजरात (22.2442°, 68.9685°)
दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949वृषभ (वैशाख)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना द्वारका (22.2442°, 68.9685°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:09 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष प्रतिपदा | तक 09:59 PM | नन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | रोहिणी · पाद 4 | तक 07:02 AM | स्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म। |
| योग | धृति | तक 12:10 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | किंस्तुघ्न | तक 11:36 AM | स्थिर करण — शुभ, उत्तम आरम्भ का पोषक। |
| सूर्योदय | 06:09 AM |
| सूर्यास्त | 07:36 PM |
| चन्द्रोदय | 06:20 AM |
| चन्द्रास्त | 08:23 PM |
| चन्द्र राशि | वृषभ |
| सूर्य राशि | वृषभ |
| अयन · ऋतु | उत्तरायण · वसन्त |
| अभिजित मुहूर्त | 12:25 PM – 01:19 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:33 AM – 05:21 AM |
| अमृत काल | — |
| राहु काल | 09:30 AM – 11:11 AM |
| गुलिक काल | 06:09 AM – 07:49 AM |
| यमगण्ड | 02:33 PM – 04:14 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 09:44 AM – 10:38 AM |
| दुर्मुहूर्त | 03:07 PM – 04:00 PM |
| काल | 06:09 AM – 07:49 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 07:49 AM – 09:30 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 09:30 AM – 11:11 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 11:11 AM – 12:52 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 12:52 PM – 02:33 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:33 PM – 04:14 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 04:14 PM – 05:55 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 05:55 PM – 07:36 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 07:36 PM – 08:55 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 08:55 PM – 10:14 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 10:14 PM – 11:33 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 11:33 PM – 12:52 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 12:52 AM – 02:11 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 02:11 AM – 03:30 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 03:30 AM – 04:49 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 04:49 AM – 06:09 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
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