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VedicSpaceपंचांगफरीदाबाद › 2026-09-11

फरीदाबाद पंचांग — 11 सितम्बर 2026

कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि, पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र · शुक्रवार · हरियाणा (28.4089°, 77.3178°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना फरीदाबाद (28.4089°, 77.3178°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:04 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अमावस्यातक 08:57 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रपूर्वा फाल्गुनी · पाद 3तक 01:16 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगसाध्यतक 05:02 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणनागतक 08:57 AMस्थिर करण — केवल कठोर / क्रूर कर्म।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:04 AM
सूर्यास्त06:31 PM
चन्द्रोदय06:06 AM
चन्द्रास्त06:29 PM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:52 AM – 12:42 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:28 AM – 05:16 AM
अमृत काल07:07 AM – 08:40 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:44 AM – 12:17 PM
गुलिक काल07:37 AM – 09:10 AM
यमगण्ड03:24 PM – 04:57 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:02 AM – 11:52 AM
दुर्मुहूर्त02:22 PM – 03:11 PM

दिन चौघड़िया

चर06:04 AM – 07:37 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:37 AM – 09:10 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:10 AM – 10:44 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:44 AM – 12:17 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:17 PM – 01:50 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:50 PM – 03:24 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:24 PM – 04:57 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:57 PM – 06:31 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:31 PM – 07:57 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:57 PM – 09:24 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:24 PM – 10:50 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:50 PM – 12:17 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:17 AM – 01:44 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:44 AM – 03:10 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:10 AM – 04:37 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:37 AM – 06:04 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle