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VedicSpaceपंचांगगाजियाबाद › 2026-07-07

गाजियाबाद पंचांग — 7 जुलाई 2026

कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र · मङ्गलवार · उत्तर प्रदेश (28.6692°, 77.4538°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना गाजियाबाद (28.6692°, 77.4538°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:28 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष सप्तमीतक 01:25 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रउत्तराभाद्रपद · पाद 3तक 04:24 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगशोभनतक 02:31 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 01:25 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:28 AM
सूर्यास्त07:22 PM
चन्द्रोदय11:51 PM
चन्द्रास्त11:54 AM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:57 AM – 12:52 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:52 AM – 04:40 AM
अमृत काल11:03 AM – 12:39 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:53 PM – 05:37 PM
गुलिक काल12:25 PM – 02:09 PM
यमगण्ड08:56 AM – 10:40 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:01 AM – 11:57 AM
दुर्मुहूर्त02:44 PM – 03:39 PM

दिन चौघड़िया

रोग05:28 AM – 07:12 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:12 AM – 08:56 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:56 AM – 10:40 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:40 AM – 12:25 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:25 PM – 02:09 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:09 PM – 03:53 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:53 PM – 05:37 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:37 PM – 07:22 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल07:22 PM – 08:37 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:37 PM – 09:53 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:53 PM – 11:09 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:09 PM – 12:25 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:25 AM – 01:40 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:40 AM – 02:56 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:56 AM – 04:12 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:12 AM – 05:28 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle