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VedicSpaceपंचांगगाजियाबाद › 2026-07-11

गाजियाबाद पंचांग — 11 जुलाई 2026

कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · शनिवार · उत्तर प्रदेश (28.6692°, 77.4538°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना गाजियाबाद (28.6692°, 77.4538°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:30 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वादशीतक 02:04 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रकृत्तिका · पाद 4तक 11:03 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगगण्डतक 12:05 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणकौलवतक 03:46 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:30 AM
सूर्यास्त07:21 PM
चन्द्रोदय01:52 AM
चन्द्रास्त04:20 PM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:57 AM – 12:53 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:54 AM – 04:42 AM
अमृत काल08:23 AM – 09:50 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:57 AM – 10:41 AM
गुलिक काल05:30 AM – 07:13 AM
यमगण्ड02:09 PM – 03:53 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त09:11 AM – 10:07 AM
दुर्मुहूर्त02:44 PM – 03:39 PM

दिन चौघड़िया

काल05:30 AM – 07:13 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:13 AM – 08:57 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:57 AM – 10:41 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:41 AM – 12:25 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:25 PM – 02:09 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:09 PM – 03:53 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:53 PM – 05:37 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:37 PM – 07:21 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ07:21 PM – 08:37 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:37 PM – 09:53 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:53 PM – 11:09 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:09 PM – 12:25 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:25 AM – 01:41 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:41 AM – 02:57 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:57 AM – 04:13 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:13 AM – 05:30 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle