VedicSpace › पंचांग › गोवा › 2026-07-04
कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र · शनिवार · गोवा (15.2993°, 74.124°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना गोवा (15.2993°, 74.124°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:07 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष चतुर्थी | तक 12:40 PM | रिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | धनिष्ठा · पाद 3 | तक 01:44 PM | चर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म। |
| योग | प्रीति | तक 05:01 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | बालव | तक 12:40 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:07 AM |
| सूर्यास्त | 07:08 PM |
| चन्द्रोदय | 10:25 PM |
| चन्द्रास्त | 09:31 AM |
| चन्द्र राशि | कुम्भ |
| सूर्य राशि | मिथुन |
| अयन · ऋतु | उत्तरायण · ग्रीष्म |
| अभिजित मुहूर्त | 12:11 PM – 01:03 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:31 AM – 05:19 AM |
| अमृत काल | — |
| राहु काल | 09:22 AM – 10:59 AM |
| गुलिक काल | 06:07 AM – 07:44 AM |
| यमगण्ड | 02:15 PM – 03:52 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 09:35 AM – 10:27 AM |
| दुर्मुहूर्त | 02:47 PM – 03:39 PM |
| काल | 06:07 AM – 07:44 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 07:44 AM – 09:22 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 09:22 AM – 10:59 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 10:59 AM – 12:37 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 12:37 PM – 02:15 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:15 PM – 03:52 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 03:52 PM – 05:30 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 05:30 PM – 07:08 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 07:08 PM – 08:30 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 08:30 PM – 09:52 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 09:52 PM – 11:15 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 11:15 PM – 12:37 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 12:37 AM – 01:59 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 01:59 AM – 03:22 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 03:22 AM – 04:44 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 04:44 AM – 06:07 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
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