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VedicSpaceपंचांगगोवा › 2027-04-24

गोवा पंचांग — 24 अप्रैल 2027

कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि, अनुराधा नक्षत्र · शनिवार · गोवा (15.2993°, 74.124°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना गोवा (15.2993°, 74.124°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:14 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्थीतक 05:42 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रअनुराधा · पाद 4तक 06:57 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगवरीयान्तक 01:58 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 04:57 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:14 AM
सूर्यास्त06:50 PM
चन्द्रोदय10:10 PM
चन्द्रास्त08:28 AM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:06 PM – 12:57 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:38 AM – 05:26 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:23 AM – 10:57 AM
गुलिक काल06:14 AM – 07:48 AM
यमगण्ड02:06 PM – 03:41 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त09:35 AM – 10:26 AM
दुर्मुहूर्त02:38 PM – 03:28 PM

दिन चौघड़िया

काल06:14 AM – 07:48 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:48 AM – 09:23 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:23 AM – 10:57 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:57 AM – 12:32 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:32 PM – 02:06 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:06 PM – 03:41 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:41 PM – 05:15 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:15 PM – 06:50 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ06:50 PM – 08:15 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:15 PM – 09:41 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:41 PM – 11:06 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:06 PM – 12:32 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:32 AM – 01:57 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:57 AM – 03:23 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:23 AM – 04:48 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:48 AM – 06:14 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle