VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांग › गुरुग्राम

गुरुग्राम पंचांग — 28 अगस्त 2026

शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि, शतभिषा नक्षत्र · शुक्रवार · हरियाणा (28.4595°, 77.0266°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना गुरुग्राम (28.4595°, 77.0266°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:58 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पूर्णिमातक 09:48 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रशतभिषा · पाद 1तक 03:13 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगअतिगण्डतक 07:27 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबवतक 09:48 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:58 AM
सूर्यास्त06:48 PM
चन्द्रोदय06:58 PM
चन्द्रास्त05:49 AM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:57 AM – 12:48 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:22 AM – 05:10 AM
अमृत काल07:42 PM – 09:22 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:46 AM – 12:23 PM
गुलिक काल07:34 AM – 09:10 AM
यमगण्ड03:35 PM – 05:11 PM
वर्ज्यम्09:44 AM – 11:24 AM
दुर्मुहूर्त11:06 AM – 11:57 AM
दुर्मुहूर्त02:31 PM – 03:22 PM

दिन चौघड़िया

चर05:58 AM – 07:34 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:34 AM – 09:10 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:10 AM – 10:46 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:46 AM – 12:23 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:23 PM – 01:59 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:59 PM – 03:35 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:35 PM – 05:11 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:11 PM – 06:48 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:48 PM – 08:11 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:11 PM – 09:35 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:35 PM – 10:59 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:59 PM – 12:23 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:23 AM – 01:46 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:46 AM – 03:10 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:10 AM – 04:34 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:34 AM – 05:58 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle