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VedicSpaceपंचांगगुवाहाटी › 2025-08-07

गुवाहाटी पंचांग — 7 अगस्त 2025

शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र · गुरुवार · असम (26.1445°, 91.7362°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना गुवाहाटी (26.1445°, 91.7362°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 04:52 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष त्रयोदशीतक 02:28 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा · पाद 3तक 02:01 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगविष्कुम्भतक 06:42 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणतैतिलतक 02:28 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय04:52 AM
सूर्यास्त06:06 PM
चन्द्रोदय04:58 PM
चन्द्रास्त02:23 AM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:02 AM – 11:55 AM
ब्रह्म मुहूर्त03:16 AM – 04:04 AM
अमृत काल07:55 AM – 09:34 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:08 PM – 02:47 PM
गुलिक काल08:10 AM – 09:49 AM
यमगण्ड04:52 AM – 06:31 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त12:48 PM – 01:41 PM
दुर्मुहूर्त04:20 PM – 05:13 PM

दिन चौघड़िया

शुभ04:52 AM – 06:31 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग06:31 AM – 08:10 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:10 AM – 09:49 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:49 AM – 11:29 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:29 AM – 01:08 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:08 PM – 02:47 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:47 PM – 04:26 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:26 PM – 06:06 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:06 PM – 07:26 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:26 PM – 08:47 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:47 PM – 10:08 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:08 PM – 11:29 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:29 PM – 12:49 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:49 AM – 02:10 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:10 AM – 03:31 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:31 AM – 04:52 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle