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VedicSpaceपंचांगगुवाहाटी › 2025-09-20

गुवाहाटी पंचांग — 20 सितम्बर 2025

कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि, मघा नक्षत्र · शनिवार · असम (26.1445°, 91.7362°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना गुवाहाटी (26.1445°, 91.7362°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:11 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्दशीतक 12:17 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रमघा · पाद 4तक 08:05 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगसाध्यतक 08:06 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 11:54 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:11 AM
सूर्यास्त05:22 PM
चन्द्रोदय03:40 AM
चन्द्रास्त04:30 PM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त10:52 AM – 11:40 AM
ब्रह्म मुहूर्त03:35 AM – 04:23 AM
अमृत काल04:45 AM – 06:26 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:13 AM – 09:45 AM
गुलिक काल05:11 AM – 06:42 AM
यमगण्ड12:47 PM – 02:19 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त08:25 AM – 09:14 AM
दुर्मुहूर्त01:18 PM – 02:07 PM

दिन चौघड़िया

काल05:11 AM – 06:42 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ06:42 AM – 08:13 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:13 AM – 09:45 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:45 AM – 11:16 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:16 AM – 12:47 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:47 PM – 02:19 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:19 PM – 03:50 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:50 PM – 05:22 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ05:22 PM – 06:50 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत06:50 PM – 08:19 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:19 PM – 09:47 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:47 PM – 11:16 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:16 PM – 12:45 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:45 AM – 02:13 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:13 AM – 03:42 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:42 AM – 05:11 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle