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VedicSpaceपंचांगगुवाहाटी › 2025-10-20

गुवाहाटी पंचांग — 20 अक्टूबर 2025

कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि, हस्त नक्षत्र · सोमवार · असम (26.1445°, 91.7362°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना गुवाहाटी (26.1445°, 91.7362°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:24 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्दशीतक 03:45 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रहस्त · पाद 2तक 08:16 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगवैधृतितक 02:34 AMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणशकुनितक 03:45 PMस्थिर करण — औषधि, मन्त्र; शुभ आरम्भ वर्जित।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:24 AM
सूर्यास्त04:51 PM
चन्द्रोदय04:15 AM
चन्द्रास्त03:59 PM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त03:48 AM – 04:36 AM
अमृत काल01:03 PM – 02:49 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल06:49 AM – 08:15 AM
गुलिक काल12:33 PM – 01:59 PM
यमगण्ड09:41 AM – 11:07 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त10:44 AM – 11:30 AM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त01:47 PM – 02:33 PM

दिन चौघड़िया

अमृत05:24 AM – 06:49 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल06:49 AM – 08:15 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:15 AM – 09:41 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:41 AM – 11:07 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:07 AM – 12:33 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:33 PM – 01:59 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:59 PM – 03:25 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:25 PM – 04:51 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर04:51 PM – 06:25 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ06:25 PM – 07:59 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:59 PM – 09:33 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:33 PM – 11:07 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:07 PM – 12:41 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:41 AM – 02:15 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:15 AM – 03:49 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:49 AM – 05:24 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle