VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगगुवाहाटी › 2026-06-21

गुवाहाटी पंचांग — 21 जून 2026

शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि, पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र · रविवार · असम (26.1445°, 91.7362°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना गुवाहाटी (26.1445°, 91.7362°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 04:31 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष सप्तमीतक 03:21 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रपूर्वा फाल्गुनी · पाद 4तक 09:31 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगसिद्धितक 11:21 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 03:21 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय04:31 AM
सूर्यास्त06:18 PM
चन्द्रोदय10:53 AM
चन्द्रास्त11:06 PM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त10:56 AM – 11:52 AM
ब्रह्म मुहूर्त02:55 AM – 03:43 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:34 PM – 06:18 PM
गुलिक काल02:51 PM – 04:34 PM
यमगण्ड11:24 AM – 01:07 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त04:27 PM – 05:22 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग04:31 AM – 06:14 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर06:14 AM – 07:57 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:57 AM – 09:41 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:41 AM – 11:24 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:24 AM – 01:07 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:07 PM – 02:51 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:51 PM – 04:34 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:34 PM – 06:18 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:18 PM – 07:34 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:34 PM – 08:51 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:51 PM – 10:07 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:07 PM – 11:24 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:24 PM – 12:41 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:41 AM – 01:57 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:57 AM – 03:14 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:14 AM – 04:31 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle