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VedicSpaceपंचांगगुवाहाटी › 2026-07-09

गुवाहाटी पंचांग — 9 जुलाई 2026

कृष्ण पक्ष नवमी तिथि, अश्विनी नक्षत्र · गुरुवार · असम (26.1445°, 91.7362°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना गुवाहाटी (26.1445°, 91.7362°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 04:37 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष नवमीतक 10:38 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रअश्विनी · पाद 3तक 02:56 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगसुकर्मातक 10:12 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 10:38 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय04:37 AM
सूर्यास्त06:19 PM
चन्द्रोदय12:11 AM
चन्द्रास्त12:56 PM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:00 AM – 11:55 AM
ब्रह्म मुहूर्त03:01 AM – 03:49 AM
अमृत काल06:44 AM – 08:15 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:10 PM – 02:53 PM
गुलिक काल08:02 AM – 09:45 AM
यमगण्ड04:37 AM – 06:19 AM
वर्ज्यम्09:46 AM – 11:16 AM
दुर्मुहूर्त12:50 PM – 01:45 PM
दुर्मुहूर्त04:29 PM – 05:24 PM

दिन चौघड़िया

शुभ04:37 AM – 06:19 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग06:19 AM – 08:02 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:02 AM – 09:45 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:45 AM – 11:28 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:28 AM – 01:10 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:10 PM – 02:53 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:53 PM – 04:36 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:36 PM – 06:19 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:19 PM – 07:36 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:36 PM – 08:53 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:53 PM – 10:10 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:10 PM – 11:28 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:28 PM – 12:45 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:45 AM – 02:02 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:02 AM – 03:19 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:19 AM – 04:37 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle