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VedicSpaceपंचांगगुवाहाटी › 2026-07-17

गुवाहाटी पंचांग — 17 जुलाई 2026

शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि, मघा नक्षत्र · शुक्रवार · असम (26.1445°, 91.7362°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना गुवाहाटी (26.1445°, 91.7362°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 04:41 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष तृतीयातक 06:28 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रमघा · पाद 2तक 06:35 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगव्यतीपाततक 10:46 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणगरतक 06:28 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय04:41 AM
सूर्यास्त06:17 PM
चन्द्रोदय07:39 AM
चन्द्रास्त08:32 PM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:01 AM – 11:56 AM
ब्रह्म मुहूर्त03:05 AM – 03:53 AM
अमृत काल02:58 PM – 04:30 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:47 AM – 11:29 AM
गुलिक काल06:23 AM – 08:05 AM
यमगण्ड02:53 PM – 04:35 PM
वर्ज्यम्05:50 AM – 07:21 AM
दुर्मुहूर्त10:07 AM – 11:01 AM
दुर्मुहूर्त01:45 PM – 02:39 PM

दिन चौघड़िया

चर04:41 AM – 06:23 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ06:23 AM – 08:05 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:05 AM – 09:47 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:47 AM – 11:29 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:29 AM – 01:11 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:11 PM – 02:53 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:53 PM – 04:35 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:35 PM – 06:17 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:17 PM – 07:35 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:35 PM – 08:53 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:53 PM – 10:11 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:11 PM – 11:29 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:29 PM – 12:47 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:47 AM – 02:05 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:05 AM – 03:23 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:23 AM – 04:41 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle