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VedicSpaceपंचांगगुवाहाटी › 2026-08-04

गुवाहाटी पंचांग — 4 अगस्त 2026

कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि, रेवती नक्षत्र · मङ्गलवार · असम (26.1445°, 91.7362°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना गुवाहाटी (26.1445°, 91.7362°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 04:50 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष षष्ठीतक 10:03 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्ररेवती · पाद 2तक 09:54 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगधृतितक 07:33 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 10:33 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय04:50 AM
सूर्यास्त06:08 PM
चन्द्रोदय09:30 PM
चन्द्रास्त09:47 AM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:02 AM – 11:55 AM
ब्रह्म मुहूर्त03:14 AM – 04:02 AM
अमृत काल06:21 PM – 07:56 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:48 PM – 04:28 PM
गुलिक काल11:29 AM – 01:08 PM
यमगण्ड08:09 AM – 09:49 AM
वर्ज्यम्08:49 AM – 10:25 AM
दुर्मुहूर्त10:09 AM – 11:02 AM
दुर्मुहूर्त01:42 PM – 02:35 PM

दिन चौघड़िया

रोग04:50 AM – 06:29 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग06:29 AM – 08:09 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:09 AM – 09:49 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:49 AM – 11:29 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:29 AM – 01:08 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:08 PM – 02:48 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:48 PM – 04:28 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:28 PM – 06:08 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल06:08 PM – 07:28 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:28 PM – 08:48 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:48 PM – 10:08 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:08 PM – 11:29 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:29 PM – 12:49 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:49 AM – 02:09 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:09 AM – 03:29 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:29 AM – 04:50 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle