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VedicSpaceपंचांगगुवाहाटी › 2026-08-09

गुवाहाटी पंचांग — 9 अगस्त 2026

कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि, मृगशिरा नक्षत्र · रविवार · असम (26.1445°, 91.7362°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना गुवाहाटी (26.1445°, 91.7362°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 04:52 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष एकादशीतक 11:05 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रमृगशिरा · पाद 3तक 02:43 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगहर्षणतक 02:04 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 11:05 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय04:52 AM
सूर्यास्त06:05 PM
चन्द्रोदय12:44 AM
चन्द्रास्त03:12 PM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:02 AM – 11:54 AM
ब्रह्म मुहूर्त03:16 AM – 04:04 AM
अमृत काल05:35 AM – 07:03 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:25 PM – 06:05 PM
गुलिक काल02:46 PM – 04:25 PM
यमगण्ड11:28 AM – 01:07 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त04:19 PM – 05:12 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग04:52 AM – 06:31 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर06:31 AM – 08:10 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:10 AM – 09:49 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:49 AM – 11:28 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:28 AM – 01:07 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:07 PM – 02:46 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:46 PM – 04:25 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:25 PM – 06:05 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:05 PM – 07:25 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:25 PM – 08:46 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:46 PM – 10:07 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:07 PM – 11:28 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:28 PM – 12:49 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:49 AM – 02:10 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:10 AM – 03:31 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:31 AM – 04:52 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle