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VedicSpaceपंचांगगुवाहाटी › 2026-09-10

गुवाहाटी पंचांग — 10 सितम्बर 2026

कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि, मघा नक्षत्र · गुरुवार · असम (26.1445°, 91.7362°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना गुवाहाटी (26.1445°, 91.7362°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:06 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्दशीतक 10:33 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रमघा · पाद 3तक 02:04 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगसिद्धतक 07:17 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणशकुनितक 10:33 AMस्थिर करण — औषधि, मन्त्र; शुभ आरम्भ वर्जित।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:06 AM
सूर्यास्त05:33 PM
चन्द्रोदय04:05 AM
चन्द्रास्त04:57 PM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त10:54 AM – 11:44 AM
ब्रह्म मुहूर्त03:30 AM – 04:18 AM
अमृत काल10:53 AM – 12:24 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:52 PM – 02:26 PM
गुलिक काल08:12 AM – 09:46 AM
यमगण्ड05:06 AM – 06:39 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त12:34 PM – 01:24 PM
दुर्मुहूर्त03:53 PM – 04:43 PM

दिन चौघड़िया

शुभ05:06 AM – 06:39 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग06:39 AM – 08:12 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:12 AM – 09:46 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:46 AM – 11:19 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:19 AM – 12:52 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:52 PM – 02:26 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:26 PM – 03:59 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:59 PM – 05:33 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत05:33 PM – 06:59 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल06:59 PM – 08:26 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:26 PM – 09:52 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:52 PM – 11:19 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:19 PM – 12:46 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:46 AM – 02:12 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:12 AM – 03:39 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:39 AM – 05:06 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle