VedicSpace › पंचांग › गुवाहाटी › 2026-10-08
कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि, पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र · गुरुवार · असम (26.1445°, 91.7362°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना गुवाहाटी (26.1445°, 91.7362°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:18 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष त्रयोदशी | तक 10:16 PM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | गुरुवार | — | सर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान। |
| नक्षत्र | पूर्वा फाल्गुनी · पाद 2 | तक 09:20 PM | उग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित। |
| योग | शुक्ल | तक 12:58 AM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | गर | तक 10:44 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 05:18 AM |
| सूर्यास्त | 05:03 PM |
| चन्द्रोदय | 02:55 AM |
| चन्द्रास्त | 03:29 PM |
| चन्द्र राशि | सिंह |
| सूर्य राशि | कन्या |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · वर्षा |
| अभिजित मुहूर्त | 10:47 AM – 11:34 AM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 03:42 AM – 04:30 AM |
| अमृत काल | 02:18 PM – 03:53 PM |
| राहु काल | 12:38 PM – 02:06 PM |
| गुलिक काल | 08:14 AM – 09:42 AM |
| यमगण्ड | 05:18 AM – 06:46 AM |
| वर्ज्यम् | 04:49 AM – 06:24 AM |
| दुर्मुहूर्त | 12:21 PM – 01:08 PM |
| दुर्मुहूर्त | 03:29 PM – 04:16 PM |
| शुभ | 05:18 AM – 06:46 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 06:46 AM – 08:14 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 08:14 AM – 09:42 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 09:42 AM – 11:10 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 11:10 AM – 12:38 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 12:38 PM – 02:06 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 02:06 PM – 03:34 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 03:34 PM – 05:03 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| अमृत | 05:03 PM – 06:34 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 06:34 PM – 08:06 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 08:06 PM – 09:38 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 09:38 PM – 11:10 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 11:10 PM – 12:42 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 12:42 AM – 02:14 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:14 AM – 03:46 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 03:46 AM – 05:18 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
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